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खुशी- आप मुस्कुराइए जिंदगी मुस्कुराएगी



खुशी ‌‌‌‌‌‌‌ ‌‌मन‌ की वो‌ भावना जो हमारे साथ-साथ हमारे आसपास सबको खुश कर देती है, हंसता मुस्कुराता चेहरा दुनिया का सबसे सुंदर चेहरा होता है।

Happiness

खुद को खुश रखने की जिम्मेदारी हमारी खुद की है। हमें खुश होने के लिए किसी खास इंसान, दिन, पल, का इंतज़ार नहीं करना चाहिए । हमें खुद से ही खुश रहने के बहाने ढूंढने चाहिए। किसी को भी ये हक ना दीजिए कि वो , आपके खुश रहने की वजह बने, ये हक खुद ही रखिए ।


उम्र के साथ कभी अपने अंदर के बच्चे को बूढ़ा ना होने दें। बच्चे की तरह खिल-खिलाकर मस्ती करें, कोई परवाह करें ना करें आपकी, खुद से ही जिद्द करें अपनी खुशियों की। जिंदगी को उसूलों में ना बांधे , पानी की तरह बह जाने दे , बंधा हुआ पानी भी सड़ जाता है, फिर ये तो आपकी जिंदगी है , हर दिन कुछ नया करिए, नया सिखिए, हर दिन कुछ ऐसा करें जो खुशी दे आपको । रिमझिम बारिश में फिर बचपन जैसे भीगने निकल जाएं, पतंग उड़ाने के लिए फिर एक बार मचल जाए।

Khushi

जिंदगी आपकी है तो किसी और का इंतज़ार क्यो करना कि वो आपको खुश रखने के लिए कुछ करेगा तभी आप खुश होंगे नहीं तो दुखी रहेगें कि कोई हमारी खुशी लिए कुछ नहीं करता। चलिए एक नई पहल करते हैं खुश हमें रहना है तो मौके और तरीके भी हम खुद ही तलाशते हैं। हमें हमसे बेहतर कौन जान सकता है, हमारी पसंद नापसंद हमसे बेहतर कौन पहचान सकता है। हमारी खुशियों का रास्ता हमारे जहन से होकर गुजरता है, जब हम जीने के लिए सहारे नहीं ढूंढते , तो खुशियों के लिए किसी सहारे का इंतज़ार क्यों? चलिए आज खुद ही निकल पड़ते हैं अपनी खुशियां ढूंढने, क्या पता हम किसी और की भी खुशी की वजह बन जाए।

आज मेरा जन्मदिन है हमें इंतजार ही नहीं करना कोई आएगा हमें मुबारक बाद देगा , हम खुद ही स्वयं को wish करते हैं ना, celebrate करते हैं , घूमते-‌फिरते है, बच्चे की तरह वही मस्त होकर सब करें। एक दिन खुद को देकर देखिए , सोचिए कि जिंदगी आपकी तो आपको खुश रखने का हक किसी ओर का क्यों ? आजकल रिश्तों में तनाव का एक मुख्य कारण यह भी हम उम्मीद रखते हैं कि कोई हमारे लिए कुछ करेगा ।जब सब खुशी के लिए हम तैयारी करते हैं तो अपने दिन की तो हमें और अच्छे से तैयारी करनी चाहिए फिर देखिए अपनी जिंदगी में बदलाव । जब हम पहले खुद को खुश रखेंगे तभी दूसरों को खुश रख पाएंगे। कुछ दिन ऐसा करके देखिए आपके घर का , कार्य स्थल का सबका माहौल एकदम से बदल जाएगा , चीजें और जिंदगी दोनों आसान और खुशनुमा हो जाएगी । रोकर, परेशान रहकर भी हमने क्या ही कर लिया , चलो एक बार जिंदगी को अपनी समझ कर जी लिया जाए। क्या पता कुछ नयी सी लगने लगे जिंदगी,



हमें भी खुशियां देने लगे जिंदगी, किसी और की ही मुस्कुराहट बन जाए, ये बेमतलब सी जिंदगी। जब हम खुद से खुश होना सीख जाएंगे तो कोई हमें कभी उदास नहीं कर पाएगा। हम अक्सर सोचते हैं अब हम बड़े हो गए हमें बच्चों की तरह हंसना शोभा नहीं देता पर यहीं हम गलती करते हैं बड़े होने के साथ-साथ हमें जीना नहीं छोड़ देना चाहिए । जरुरी नहीं कोई बड़ा अवसर या दिन हो तभी हम celebrate करेंगे ,छोटे -छोटे पलों में खुशियां ढूंढनी चाहिए । कहीं ऐसा ना हो कि कल की सोचते- सोचते हम अपने ‌आज को ही खो दें और कल इसी आज को याद करें। इसलिए जिस भी हाल में हैं ‌‌... जैसे हैं...खु‌श रहें। आप मुस्कुराइए , जिंदगी मुस्कुराएगी ।

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